जय जगदीश्वरी मात सरस्वती JAY JAGADISHWARI MAT SARASWATI LYRICS

जय जगदीश्वरी मात सरस्वती  
JAY JAGADISHWARI MAT SARASWATI LYRICS


जय जगदीश्वरी मात सरस्वती

शरणागत प्रतिपालनहारी ।। टेक।।

चंद्र बिम्ब सम वदन विराजे

शीश मुकुट गल माला धारी ।।१।।

वीणा वाम अंग में शोभे

सामगीत ध्वनि मधुर पियारी ।। २।।

श्वेत वसन कमलासन सुंदरी

संग सखि शुभ हंस सवारी ।। ३।।

ब्रह्मानन्द मैं दास तुम्हारो

दे दर्शन परब्रह्म दुलारी ।।४।।

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