ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनिया (Thumak Chalat Ramchandra Bajat Paijaniya Lyrics)


अनूप जलोटा जी का ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैजनिया भजन,
Thumak Chalat Ramchandra Lyrics in Hindi

ठुमक चलत रामचंद्र,

बाजत पैजनिया ।


किलकि किलकि उठत धाय,

गिरत भूमि लटपटाय,

धाय मात गोद लेत,

दशरथ की रनियां ।

ठुमक चलत रामचंद्र,

बाजत पैजनिया ।


अंचल रज अंग झारि,

विविध भांति सो दुलारि,

तन मन धन वारि वारि,

कहत मृदु बचनियां ।

ठुमक चलत रामचंद्र,

बाजत पैजनिया ।


विद्रुम से अरुण अधर,

बोलत मुख मधुर मधुर,

सुभग नासिका में चारु,

लटकत लटकनियां ।

ठुमक चलत रामचंद्र,

बाजत पैजनिया ।


तुलसीदास अति आनंद,

देख के मुखारविंद,

रघुवर छबि के समान,

रघुवर छबि बनियां ।

ठुमक चलत रामचंद्र,

बाजत पैजनिया ।


ठुमक चलत रामचंद्र,

बाजत पैजनिया ।

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