दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो लिरिक्स

दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो लिरिक्स 

इस गीत में शब्दों के माध्यम भगवान की की गयी है । इस गीत को राजनजी महराज ने गाया है
वे गीत के माध्यम से ह रहे हैं कि उन्हें अपनी करुणा के साथ उनके द्वार पर स्वीकार करना चाहिए और उनकी सहायता करनी चाहिए। इस गीत में कुछ चौपाई हैं जो गीत का भाव बताते हैं।


दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो।
करुणा की सिंधु मालिक, अपनी बिरद बचालो। 

मीरा या सबरी जैसा, पाया हृदय न मैंने ।
जो है दिया तुम्हारा, लो अब इसे संभालो। 
दर पर तुम्हारे आया, ठुकराओ या उठा लो।
करुणा की सिंधु मालिक, अपनी बिरद बचालो।

दिन रात अपना अपना करके बहुत ठगाया।
कोई हुआ न अपना अपना मुझे बना लो। 
दर पर तुम्हारे आया, ठुकराओं या उठा लो।
करुणा की सिंधु मालिक, अपनी बिरद बचालो। 

दोषी हूं मै या सच्चा, ये खेल है तुम्हारा।
हो तुम चाहे जो चाहो में दास हूं तुम्हारा।। 
दर पर तुम्हारे आया, ठुकराओं या उठा लो।
करुणा की सिंधु मालिक, अपनी बिरद बचालो 


बस याद अपनी दे दो, सब कुछ भले ही ले लो।
पर मुझ पर अब, करुणा की दृस्टि डालो।
दर पर तुम्हारे आया, ठुकराओ या उठा लो।
करुणा की सिंधु मालिक, अपनी बिरद बचा लो
दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो


Dar par tumhare aaya, thukrao ya utha lo lyrics in english by rajan ji mahraj


Dar par tumhare aaya, thukrao ya utha lo. 
Dar par tumhare aaya, thukrao ya utha lo. 
Karuna ki sindhu malik, apni birad bachalo.

Mira ya Sabri jaisa, 
paya hriday na maine.
 Jo hai diya tumhara, lo ab ise sambhalo. 
Dar par tumhare aaya, thukrao ya utha lo. 
Karuna ki sindhu malik, apni birad bachalo.

Din raat apna apna karke bahut thagaya. 
Koi hua na apna apna mujhe bana lo.
Dar par tumhare aaya, thukrao ya utha lo.
Karuna ki sindhu malik, apni birad bachalo.

Doshi hu main ya sachcha, ye khel hai tumhara. 
Ho tum chahe jo chaho main das hu tumhara.
Dar par tumhare aaya, thukrao ya utha lo.
Karuna ki sindhu malik, apni birad bachalo.

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